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जेल में विधिक सेवा का अभियान हुआ प्रारंभ
आने वाले 10 दिनों तक कैदियों के लिए साक्षरता अभियान
खरगौन | 17-मई-2018
 
 
   जेल में निरूद्ध बंदियों एवं उनके साथ रह रहे छोटे बच्चों के लिए 10 दिवसीय विधिक सेवा का शुभारंभ गुरूवार को तहसील विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष एवं एडीजे श्री सुभाष सोलंकी द्वारा किया गया। मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला न्यायाधीश के आदेशानुसार इस शिविर का शुभारंभ हुआ। शुभारंभ अवसर पर एडीजे श्री सोलंकी ने कहा कि नियम कानूनों के अभाव में कई नागरिकों से अनजाने व भूलवश भी अपराध होते है। इसके लिए जरूरी है कि उन्हें नियम कानूनों की भी जानकारी हो। विधिक सेवा संस्थाओं के कार्यों के प्रति जागरूक करना निःशुल्क विधिक सहायता व सलाह उपलब्ध कराना अभियान का उद्देश्य है। बंदियों के अधिकार तथा जेल में उपलब्ध सुविधाओं व नियमों आदि से अवगत कराना विधिक सेवा प्राधिकरण का भी लक्ष्य है। इस अवसर पर जेल अधीक्षक श्री ओसारी, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष श्री आरआर पाठक व सचिव श्री दीपक सोनी और शिवशंकर मंडलोई सहित जेल विभाग व न्याय विभाग का अमला उपस्थित रहा।
   अभियान के शुरूआत के पहले दिन श्री सोलंकी ने गर्भवती महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण, मानसिक बीमारियों व अवसाद की शिकार महिलाओं का उपचार, बच्चों की शैक्षणिक स्वास्थ्य एवं मनोरंजन सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। मां के साथ रह रहे बच्चों की पहचान के दस्तावेज बनाने की सुविधा आदि के संबंध में विस्तृत जानकारियां दी। आगामी 10 दिनों तक अभियान के तहत न्यायाधीशगण एवं संबंधित विभागों द्वारा अलग-अलग विषय पर केंद्रित आयोजन होंगे। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अरूण कुमार खरादी ने अपनी मां के साथ रह रहे बच्चों को दोषी नहीं माना जाएगा। ऐसे बच्चों को खाद्य पदार्थ, आश्रय, कपड़ा, शिक्षा और मनोरंजन के साधन प्राप्त करने की बात कहीं। सिविल सर्जन डॉ. बार्चे ने भी संबोधित कर स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारियां प्रदान की। शिविर में महिला स्त्री रोग विशेषज्ञ श्रीमती सारिका पटेल द्वारा महिला कैदियों में थाईराईड, बीपी और महिलाओं को होने वाली बीमारियों के संबंध में जांच की।
 
(7 days ago)
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