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आधुनिक कृषि तकनीक लाई कृषक प्रहलाद के जीवन में खुशहाली (सफलता की कहानी)
उद्यानिकी फसल से अधिक आय अर्जित कर रहे श्री प्रहलाद
सिवनी | 06-फरवरी-2018
 
 
   शासन द्वारा खेती को लाभ का धंधा बनाने हेतु लगातार प्रयास किये जा रहे है। जिसमे कृषको को जैविक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलो की खेती के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिसके लिए समय समय पर शासन द्वारा कृषको को प्रशिक्षण एवं कृषि यंत्रो में अनुदान के माध्यम से सहायता दी जाती है।
   ऐसी ही योजना जिला मुख्यालय से 38 किलोमीटर दूरी पर स्थित ग्राम ढेका के कृषक प्रहलाद ठाकुर के लिए वरदान साबित हुई है। आज वह उद्यानिकी की खेती कर कम लागत में अधिक लाभ कमा कर रहे है। श्री ठाकुर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि उनके पास 02 हेक्टेयर पैतृक जमीन थी। जिसमें वह परंपरागत तरीके से  खेती करते थे। कई बार मौसम की मार और किट प्रभावों से लागत निकलना भी मुश्किल हो जाता था। जिससे वह कई बार हतोत्साहित हुए।
   वर्ष 2013-14 में उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से उद्यानिकी विभाग द्वारा आयोजित कृषक प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम के बारे में जानकारी लगी। जिसके लिए उन्होंने आवेदन कर प्रशिक्षण में भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उन्हें नवीन कृषि तकनीकों के बारे में जानकारी के साथ ही आधुनिक कृषि की बारीकियों को जानने का मौका मिला। प्रशिक्षण उपरांत श्री ठाकुर ने उच्च तकनीकी अपनाकर उद्यानिकी विभाग से ड्रिप संयंत्र  एवं प्लास्टिक मलचिंग का लाभ लेते हुए उद्यानिकी फसलो की खेती करने का निर्णय लिया। आवेदन उपरांत शीघ्र ही उद्यानिकी विभाग द्वारा इनका प्रकरण स्वीकृत कर योजनान्तर्गत 129896 रुपये अनुदान दिया गया। योजना से मिले ड्रिप सयंत्र एवं प्लास्टिक मलचिंग को श्री ठाकुर ने अपने खेत मे स्थापित कर मौसमी सब्जी के साथ अदरक की खेती प्रारम्भ की। उन्होंने बताया कि  विभागीय तकनीकी कर्मचारियों से समय समय पर उन्हें उचित मार्गदर्शन मिलता रहा और  नवीन तकनीकी से उनकी कृषि आय में बढोतरी होने लगी। विगत 04 वर्षो में उनके द्वारा  24,80,000/- रूपये की आय अर्जित की है। जो कि परंपरागत खेती में असंभव सा था।
   आज श्री प्रहलाद ठाकुर उद्यानिकी फसल की बागबानी से खुशहाल जीवन जी रहे है और वह अन्य कृषको को भी आधुनिक कृषि पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे है।
(15 days ago)
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