समाचार
|| पंजीकृत असंगठित श्रमिकों की गंभीर बीमारियों का होगा इलाज || बीएलओ को रजिस्टर प्रदाय करना सुनिश्चित करें || अध्यक्ष श्रीमति ज्योतिप्रकाश धुर्वे का 24 मई का दौरा कार्यक्रम || अब न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी अब 9 जून तक || मुख्यमंत्री स्वरोजगार सम्मेलन आज जनपद पंचायत गुनौर में || वैज्ञानिक परामर्शदात्री समिति की बैठक 25 को || समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए खाद्य विभाग ने जारी किए निर्देश || 2 जुलाई को होगा स्थानीय मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन || न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चना, मसूर और सरसों की खरीद 9 जून तक || ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था दुरूस्त रखने कंट्रोल रूम स्थापित
अन्य ख़बरें
फर्नीचर का व्यवसाय कर महिलाएं कमा रहीं हैं प्रतिमाह 15 से 20 हजार रूपये "सफलता की कहानी"
-
टीकमगढ़ | 30-जनवरी-2018
 
 
   टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ विकासखंड की दिव्य आभा तेजस्विनी महिला महासंघ की बगाजमाता तेजस्विनी महिला स्व सहायता समूह एवं विश्वकर्मा तेजस्विनी महिला स्व सहायता समूह की महिलायें फर्नीचर का व्यवसाय कर प्रतिमाह 15 से 20 हजार रूपये कमा रहीं हैं।
   पहले समूह के सदस्यों की आर्थिक स्थिति खराब थी और लगभग सभी सदस्य बी.पी.एल. की श्रेणी में आते थे। दो वर्ष पहले तेजस्विनी महिला स्व सहायता समूह को संघमित्रा से लिंकेज कराया गया। संघमित्रा लिंकेज के माध्यम से बगाजमाता तेजस्विनी महिला स्व सहायता समूह को एक लाख बीस हजार रूपये से लिंकेज एवं विश्वकर्मा तेजस्विनी महिला स्व सहायता समूह को एक लाख रूपये से लिंकेज किया गया। दोनो समूहों के 14 सदस्यों ने फर्नीचर का कार्य शुरू किया। इसके तहत सभी सदस्यों ने अपनी-अपनी राशि से लकड़ी खरीदकर फर्नीचर का कार्य शुरू किया और अपनी आजीविका गतिविधि का कार्य अपने ही ग्राम में प्रारंभ किया। सदस्यों ने खरीदी हुयी लकड़ी से सोफा, कुर्सी, बेड, लकड़ी का मंदिर, गेट, अलमारी एवं अन्य सामान भी बनाये। इससे प्रत्येक सदस्य को महीने की लगभग 15 से 20 हजार रूपये आय हो रही है।
   वर्तमान में सभी सदस्यों की आर्थिक स्थिति में बहुत अच्छा सुधार हो गया है और सभी सदस्यों की श्रेणी ए.पी.एल. में आ गयी है। इससे सभी सदस्यों के बच्चे अच्छी शिक्षा पा रहे हैं। इसके साथ ही समूह की सदस्य माया विश्वकर्मा ने ग्राम भेलसी में फर्नीचर बैचने से प्राप्त हुयी आय से आटा चक्की की मशीन भी खरीदी ली है, जिसके द्वारा प्रति दिन 200 से 250 रूपये की आय होती है। इससे इनकी परिवारिक स्थिति में अच्छा सुधार हुआ है और वह अच्छे से अपने घर-परिवार का खर्चा चला रहीं है और इन्हे किसी से कर्ज लेने की आवश्यकता नही पढ़ती है।
   इसी प्रकार बगाजमाता तेजस्विनी महिला स्व सहायता समूह के सदस्यों ने अपनी आजीविका गतिविधि बढ़ाने के लिये रिवोल्विंग फंड से राशि ली और इस राशि से लकड़ी खरीदकर अपने कार्य को और बेहतर बनाया है। इस प्रकार यह महिलायें समूह के माध्यम से आत्मनिर्भर होकर कार्य कर रही हैं और सभी सदस्य तेजस्विनी कार्यक्रम के अत्यंत आभारी हैं।
 
(113 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
अप्रैलमई 2018जून
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
30123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
28293031123
45678910

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer