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हौसले और हिम्मत के दम पर रीना ने भरी उड़ान "सफलता की कहानी"
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शाजापुर | 13-जनवरी-2018
 
 
    जिले के शुजालपुर क्षेत्र के ग्राम खेड़ीमण्डलखा की रहने वाली रीना ने अपने हौसले और हिम्मत के दम पर उज्जैन स्थित संभागीय ज्ञानोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में 1000 बच्चों में तीसरा स्थान अर्जित कर न केवल स्वयं की उच्च शिक्षा का मार्ग प्रशस्त किया है, बल्कि शाजापुर और जिस छात्रावास में निवासरत थी उसका भी नाम रोशन किया है।
    अत्यन्त गरीब परिवार की पृष्ठभूमि से आने वाली रीना ने यह स्थान छात्रावास में रहकर यहाँ के शिक्षकों द्वारा दी गई तालिम से हासिल किया है। रीना का परिवार अत्यन्त ही गरीब है। रीना की तीन बहने और एक भाई भी था जो कि धीरे-धीरे काल के गाल में समा गए। परिवार में रीना एक मात्र जीवित बची थी। गरीब पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए उसका परिवार रीना की पढ़ाई के बारे में कभी सोच भी नहीं सकता था। ऐसे में उसके लिए शुजालपुर मंडी का बालिका छात्रावास वरदान बन कर आया। छात्रावास की वार्डन ने उसके परिवार से संपर्क किया। परिवार ने आर्थिक स्थिति खराब होने का हवाला देकर रीना की पढ़ाई में असमर्थता जाहिर की। वार्डन ने उनसे कहा कि पढ़ाई में किसी तरह की राशि नहीं लगेगी छात्रावास में भर्ती होने पर शासन द्वारा पढ़ाई आदि का खर्च उठाया जाता है। इस पर बालिका के परिवार वाले तैयार हो गए, रीना को कक्षा पहली में भर्ती कराकर छात्रावास में प्रवेश दिया गया। रीना प्रारंभ में पढ़ाई में अत्यन्त कमजोर थी। छात्रावास के शिक्षकों की मेहनत और उसके हौसले ने उसे कक्षा आठवी की परीक्षा में अच्छे अंक हासिल हुए। आगे की पढ़ाई के लिए उसने संभागीय मुख्यालय उज्जैन स्थित ज्ञानोदय विद्यालय में प्रवेश के लिए परीक्षा दी जिसमें उसने एक हजार बच्चों में तीसरा स्थान अर्जित किया।
    रीना की कहानी से अन्य बच्चों को भी प्रेरणा मिलेगी जो आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण शिक्षा से वंचित रह जाते है।
 
(3 days ago)
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