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जिले के खेत-खेत की मिट्टी के विज्ञान को संजोने का जिला प्रशासन ने किया प्रयास
सभी विकासखण्डों के मृदा उर्वरता मैप कराये गये हैं तैयार, राज्यमंत्री श्री पाठक ने भी प्रशासन के नवाचार को सराहा
कटनी | 07-जनवरी-2018
 
  
      राज्य सरकार खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिये हर संभव प्रयास कर रही है। भावान्तर भुगतान योजना की शुरुआत अपने आप में क्रान्तिकारी कदम है। विभिन्न कृषि यंत्रों पर अनुदान भी किसान कल्याण विभाग द्वारा किसानों को दिया जाता है। इन तमाम योजनाओं का लाभ जिले के बहुत से कृषक उठा रहे हैं। साथ ही खेती को लाभ का धंधा और अपने आप को समृद्ध बना रहे है।
    वैज्ञानिक तरीके से खेती की जाये, तो उपज की आमद बढ़ सकती है। लेकिन इसके लिये जरुरी है सही फसल का चुनाव। वो भी मिट्टी की प्रकृति के हिसाब से। यदि जिले के किसान अपने खेती की मिट्टी की तासीर को समझकर अपने खेत में बीज बोयेंगे, तो निश्चित ही उसके सार्थक परिणाम खेतों में दिखाई देंगे। लेकिन जिले के बहुत से किसानों को अपने खेत की मिट्टी की प्रकृति की जानकारी ही नहीं है। मृदा परीक्षण कराने के बाद भी उसका उपयोग सार्थक दिशा में नहीं कर रहे है।
    लेकिन जिले के सभी किसान अपने-अपने खेतों की मिट्टी के विज्ञान को सुगमता से समझ सकें, इसके लिये जिला प्रशासन कटनी ने बड़ा नवाचार किया है। कलेक्टर विशेष गढ़पाले के मार्गदर्शन में जिले के सभी विकासखण्डों, कटनी, विजयराघवगढ़, बहोरीबंद, रीठी, ढीमरखेड़ा और बड़वारा के ग्राम पंचायतों की मृदा उर्वरता की जानकारी तैयार कराई है। बहुत ही आसानी से यह जानकारी समझ में आये, इसके लिये विभिन्न विकासखण्डों के नक्शे बनाकर उनमें पोषक तत्वों की जानकारी को प्रदर्शित किया गया है।
    मैप में नाईट्रोजन, फासफोरस, पोटेशियम, सल्फर, जिन्क, बोरोन, आयरन, मैग्नीज और कॉपर के प्रतिशत की जानकारी को आसान तरीके से नक्शे पर प्रदर्शित किया गया है। जिसमें इन पोषक तत्वों के निम्न, मध्यम और उच्च प्रतिशत्ता को बताया गया है। इन विशेष मैप के निर्माण का उद्देश्य बताते हुये कलेक्टर ने कहा कि इसके माध्यम से हमारे जिले के किसान सहजता से अपने खेत की मिट्टी में कौन सा पोषक तत्व, कितनी मात्रा में है और किस उर्वरक की कितनी आवश्यकता है, किसान भाई इसे समझ पायेंगे। साथ ही अपने खेत की मिट्टी की प्रकृति के हिसाब से खेती करते हुये किसानी को लाभ का धंधा बना सकेंगे।
    जिला प्रशासन के इस नवाचार की सराहना प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्यमंत्री श्री संजय सत्येन्द्र पाठक ने भी की। राज्यमंत्री श्री पाठक ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के लिये हमेंशा चिन्तित रहती है। खेती लाभ का धंधा बने, इसके लिये सरकार कृत संकल्पित है। इस संकल्प में कटनी जिला प्रशासन का यह प्रयास अनुकरणीय है। इससे यह सिद्ध होता है कि हमारा प्रशासन भी किसानों के लिये कितने नीचे तक जाकर कुछ बेहतर करने में लगा हुआ है।
    मृदा उर्वरता के मापक इन चार्टों का प्रदर्शन सबसे पहले शनिवार को भावान्त भुगतान योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में किया गया। जिसके विषय में कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को जानकारी भी दी। जिला प्रशासन इसे जिले की शासकीय वेबसाईट में इन मैप को अपलोड किया गया है। जिस पर जाकर http://katni.nic.in/soilHealth.html इस यूआरएल को क्लिक कर जानकारी पीडीएफ फॉर्मेट में डाउनलोड की जा सकती है। इन्ही मैपों को लेकर कृषि विभाग का अमला भी फील्ड में जाकर इसकी जानकारी किसानों को बतायेगा।
(9 days ago)
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