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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
छोटा प्रीमियम, बड़ा लाभ
उज्जैन | 31-अगस्त-2017
 
 
   प्राकृतिक आपदा से किसानों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिये केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्रारम्भ की है। इसमें किसानों को कम प्रीमियम देना पड़ता है। बीमा कंपनियों को रबी फसलों के प्रीमियम रेट का सिर्फ डेढ़ फीसदी एवं खरीफ फसल का 02 प्रतिशत किसान देंगे। बागवानी फसलों के मामले में किसानों को 05 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा। बाकी प्रीमियम केन्द्र और राज्य की सरकारें बराबर देंगी। यह योजना 2016 से लागू की गई है।
   किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के उप संचालक ने बताया कि योजना पर प्रदेश इस वर्ष 17 हजार 600 करोड़ रूपये खर्च का अनुमान है। केन्द्र के लिये इसके लिये 08 हजार 800 करोड़ रूपये मंजूर किये हैं। इतनी ही रकम राज्य सरकारें देंगी। वर्तमान में कर्ज लेने वाले किसानों के लिये फसल बीमा लेना जरूरी है। नई योजना सभी कृषकों के लिये लागू की गई है।
योजना का उद्देश्य
   फसल बीमा योजना लागू करने का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, कीट और रोगों से किसी भी अधिसूचित फसल के नष्ट होने की स्थिति में किसानों को आवरण तथा वित्तीय सहायता प्रदान करना है। साथ ही किसानों को खेती कार्य में बनाये रखने के लिये उनकी आय को स्थिर करने का एक उपाय है। किसानों को नवीन, अभिनव और प्राकृतिक कृषि प्रणालियों को अपनाने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है। उज्जैन जिले में इस बीमा योजना को क्रियान्वित करने के लिये आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड तथा एचडीएफसी एर्गो को क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कृषकों को बीमा कराने के लिये भू-अधिकार पुस्तिका, सक्षम अधिकारी द्वारा दिया गया बुवाई प्रमाण-पत्र, पूर्णतरू भरा हुआ प्रस्ताव फार्म एवं पहचान-पत्र आवश्यक है। बीमित फसलों के लिये पटवारी हलका स्तर बीमा की इकाई निर्धारित की गई है।
रबी फसल के लिये बीमा का कैलेण्डर
   ऋणी किसान हेतु स्वीकृत ऋण राशि एवं अऋणी किसान के प्रस्ताव बैंक में जमा कराने की तिथि 15 सितम्बर 2017 से 15 जनवरी 2018 निर्धारित है। बैंकों से बीमा कंपनी को घोषणा-पत्र भेजने की अन्तिम तिथि 28 फरवरी 2018 है। किसानों के खातों से काटे गये प्रीमियम को बीमा कंपनी को जमा करने की अन्तिम तिथि ऋणी कृषकों के लिये 15 फरवरी 2018 एवं अऋणी कृषकों के लिये 22 जनवरी 2018 है। बीमा योजना के तहत पैदावार के आंकड़े निर्धारित करने की अन्तिम तिथि 30 जून 2018 निर्धारित की गई है।
योजना में कवर होने वाले जोखिम
   प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत सभी प्रकार की फसलों रबी, खरीफ, वाणिज्यिक और बागवानी को शामिल किया गया है। योजना में कवर होने वाले जोखिम इस प्रकार हैं- उपज नुकसान के आधार पर इस योजना में बिजली गिरने, तूफान, ओला पड़ने, चक्रवात, अंधड़, बवंडर, बाढ़, जलभराव, जमीन धंसने, सूखा, खराब मौसम, कीट एवं फसल को होने वाली बीमारियां आदि जोखिम से फसल को होने वाले नुकसान को शामिल कर एक ऐसा बीमा कवर दिया जाता है, जिसमें इनसे होने वाले सारे नुकसान से सुरक्षा प्रदान की जाती है।
प्रधानमंत्री बीमा योजना से किसानों को मिलने वाले अन्य लाभ
  • संरक्षित बुवाई के आधार पर यदि बीमित किसान बुवाई-रोपाई के लिये खर्च करने के बावजूद खराब मौसम की वजह से बुवाई-रोपाई नहीं कर सकते तो वे बीमित राशि के 25 प्रतिशत तक के नुकसान का दावा ले सकेंगे।
  • फसल कटाई के बाद रखी फसल को चक्रवात, बेमौसम बारिश और स्थानीय आपदा जैसे- ओलों, जमीन धंसने और जलभराव से होने वाले नुकसान का अंदाजा प्रभावी खेती के आधार पर किया जायेगा। इसके अनुसार किसानों के नुकसान का आंकलन करके दावे तय किये जायेंगे।
  • नई बीमा योजना में यह नियम बनाया गया है कि फसल कटाई के बाद खेत में पड़ी हुई फसल को 14 दिन के भीतर चक्रवात और बेमौसम बरसात से नुकसान होने पर भी खेतवार आंकलन करके भुगतान किया जायेगा।
  • बीमा की गई फसल की खराब मौसम के कारण बुवाई-रोपाई न कर पाने पर बीमा मूल राशि का 25 फीसदी सीधे किसान के खाते में जमा कराने का प्रावधान किया गया है।
  • नई योजना में स्मार्टफोन से फसल कटाई के आंकलन की तस्वीरें खींचकर सर्वर पर अपलोड की जायेंगी। इससे फसल कटाई के आंकड़े जल्द से जल्द बीमा कंपनी को मिल सकेंगे। इससे दावों का भुगतान करने में लगने वाले समय को कम किया जायेगा। रिमोट सेंसिंग और ड्रोन जैसी तकनीक के इस्तेमाल से फसल कटाई प्रयोग की संख्या को कम करने में सहायता मिलेगी।
  • विस्तृत जानकारी किसान कॉल सेन्टर के टोलफ्री नम्बर 18001801551 पर फोन लगाकर प्राप्त की जा सकती है।
 
(140 days ago)
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