समाचार
|| रतलाम मण्डी में 25 जून के टोकनों की तुलाई एक जुलाई को होगी || नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त || सबको सहुलियते मिलें, किसान सहयोग करें - प्रमुख सचिव श्री मिश्र || श्री अभिषेक सिंह ने खण्डवा कलेक्टर का पदभार ग्रहण किया || वित्तमंत्री श्री जयंत कुमार मलैया आज मरहाहार पहुंचेंगे || एक जुलाई से मध्यप्रदेश में बंद होगी कमर्शियल चेक पोस्ट || वनाधिकार अध्ययन हेतु श्री उपाध्याय सलाहकार नियुक्त || मत्स्य प्रजनन काल में 15 अगस्त तक रहेगा मत्स्य आखेट प्रतिबंधित || 28 जून को नशीले पदार्थो के अवैध व्यापार के विरूद्ध अन्तर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जावेगा || नवागत कलेक्टर श्री शर्मा द्वारा पदभार ग्रहण
अन्य ख़बरें
सीहोर और रायसेन जिलों में नर्मदा नदी के किनारों पर लगभग 39 लाख वृक्षारोपण का लक्ष्य
-
भोपाल | 19-जून-2017
 
   
    2 जुलाई को नर्मदा नदी के उत्तरी तट पर बसे भोपाल संभाग के रायसेन और सीहोर जिलों में नर्मदा नदी के तट से लगभग 1 किलोमीटर की दूरी तक लगभग 39 लाख पौधे लगाये जायेंगे। पौधरोपण का कार्य वन विभाग, उद्यानिकी विभाग, ग्राम पंचायतों द्वारा किया जायेगा। साथ ही नदी तट पर बसे ग्रामों में किसानों द्वारा भी अपने खेतों पर फलदार वृक्ष लगाये जाने के लिये सहमति पत्र भरवाने का काम जारी है।
        भोपाल संभाग के सीहोर और रायसेन जिलों में नर्मदा नदी के किनारे बसे गावों में 39 लाख  फलदार पौधों का रोपण करने का लक्ष्य है। भोपाल संभाग के संभागायुक्त श्री अजातशत्रु श्री वास्तव ने बताया कि दोनो जिलों में नर्मदा नदी बेसिन नर्मदा नदी के उत्तरी तट पर फलदार वृक्षारोपण की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। किसान अपने खेतों पर फलदार पौधे लगायेंगे। उनकी सुरक्षा करेगें। शासन कृषि योग्य जमीन पर फलदार पौधारोपण के लिए तय किए गए नियमों के अनुसार अनुदान देगा। फलदार पौधारोपण के लिए किसानो से स्वेच्छा से अपनी जमीन देने की स्वीकृति ली है, बल्कि उनके बड़ा होने तक उनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी ली है। शासन किसानो के खेतों पर फलदार वृक्षारोपण हेतु अनुदान भी दे रही है। श्री अजातशत्रु ने जानकारी दी कि जिस प्रकार अमरकंटक से बड़वानी तक नर्मदा के दक्षिण ओर उत्तर तटो पर फलदार पेड़ो को लगाने की योजना बनायी है, उससे न केवल नर्मदा नदी के किनारे बसे गांवो में वर्षा के जल अवशोषण में बढ़ोत्तरी होगी बल्कि गर्मी के मौसम में धीरे धीरे बढ़ने के बाद नर्मदानी मे वर्षा ऋतु के दौरान अवशोषित जल के प्रवाह में भी बढ़ोत्तरी करेगें। संभागायुक्त श्री अजातशत्रु श्री वास्तव ने बताया कि नर्मदा नदी के उत्तरी तटों पर बसे भोपाल संभाग के सीहोर और रायसेन जिलों में नदी को सतत् प्रवाह मान बनायें रखने के लिए ग्राम पंचायतो, उघानिकी और वनविभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार की गयी है। तट के किनारे बसे ग्रामो  मे खेतो पर वृक्षारोपण के लिए पूर्ण सहमति लेने की प्रक्रिया आंरम्भ कर दी गयी है।
    संभागायुक्त श्री अजातशत्रु श्री वास्तव ने बताया कि सीहोर जिले के बुधनी और नसरुल्लागंज विकासखंड तथा रायसेन जिले के बाड़ी और उदयपुरा विकासखंड में नर्मदा नदी के उत्तर तटो पर बसे ग्रामों में फलदार पौधे लगाये जाने हैं। इनके खेतों का कुल रकबा 2168 हेक्टेयर है। किसानों द्वारा वचनपत्र भरने की कार्यवाही की जा रही है।  दोनों जिलों में लगभग 3 लाख 63 हजार आम, अमरूद संतरा और नीबू के पौधे लगाये  जायेंगे। पौधो की सुरक्षा का काम भी वे किसान करेंगे जिनकी जमीन पर पौधे लगाये जायेंगे। श्री श्रीवास्तव ने बताया कि इस तरह के वृक्षारोपण से न केवल मिट्टी के कटाव पर नियंत्रण पाया जा सकेगा,बल्कि तीन या चार साल बाद जब ये पौधे फल देने लगेंगे तो किसानो को अतिरिक्त आमदनी भी होगी। अभी तेज वर्षा के बहाव से किसानों की मिट्टी बहकर नर्मदा नदी में मिल जाती है। जिससे मिट्टी में घुली रासायनिक खाद और कीटनाशक दवाऐं नर्मदा नदी को प्रदूषित करती हैं।  इस प्रकार फलदार वृक्षारोपण पर्यावरण और जल संरक्षण में भी सहायक होगा।
    फलदार पौध रोपण पर किसानों को प्रोत्‍साहन राशि भी दी जायेगी। वन विभाग द्वारा भी नर्मदा नदी किनारे बसे गांवो की  शासकीय जमीन पर ऐसी प्रजातियों के पौधे लगाने की तैयारी भी की जा रही है जो घने छायादार और जल अवशोषण की प्रवृत्ति रखते है।
(6 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
मईजून 2017जुलाई
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
2930311234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293012
3456789

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer