समाचार
|| मनरेगा में निजी खेत की मेढ़ पर वृक्षारोपण किया जा सकेगा || मनरेगा योजना अंतर्गत निजी खेत में फल- पौधरोपण किया जा सकेगा || मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन एवं कौशल्या योजना में रजिस्ट्रेशन जारी || जिला विपणन अधिकारी को एफआईआर करवाने के निर्देश || नवनियुक्त कलेक्टर श्री गुप्ता ने माँ बगलामुखी एवं बाबा बैजनाथ के दर्शन कर आशीर्वाद लिया || कलेक्टर ने देखी पौधरोपण की तैयारियां || कारोबार बंद रखने के आव्हान के दौरान कानून व्यवस्था बनाये रखने अधिकारी तैनात || पौधारोपण को लेकर अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक आज || शनिवार और रविवार को भी होगी उड़द और मूंग की खरीदी || फिल्ड में भ्रमण करें, समस्याएं जाने और निराकरण करें - कलेक्टर
अन्य ख़बरें
मनरेगा के तहत नर्मदा बेसिन के निजी खेत में भी होगा फलोद्यान
-
देवास | 09-जून-2017
 
   
   नर्मदा बेसिन में सघन वृक्षारोपण किया जाएगा। इसके लिए नर्मदा किनारे स्थित ग्रामों के खेतों एवं वन क्षेत्रों में मनरेगा योजना के तहत पात्र वर्ग के हितग्राहियों के निजी खेतों में फलदार पौधों का रोपण किया जाएगा। कलेक्टर आशुतोष अवस्थी ने संबंधित विभाग को निर्देश दिए है कि वे इस परियोजना का अधिक से अधिक लाभ हितग्राहियों को दिलाएं। कलेक्टर श्री अवस्थी ने नर्मदा बेसिन के पात्र हितग्राहियों से फलोद्यान योजना का लाभ लेने का आह्वान किया है।
नर्मदा के किनारे बढ़ेगी हरियाली
   कलेक्टर ने बताया इस योजना के मूर्त रूप देने से नर्मदा नदी में जल का स्तर बढ़ेगा। साथ ही पूरा क्षेत्र हरियाली की चादर ओढ़ेगा और कृषकों की आय में बढ़ोत्तरी भी होगी। कलेक्टर ने बताया है कि योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला मुखिया, आई.ए.व्हाय./पी.एम.ए.व्हाय. के लाभार्थी परिवार, वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टाधारी परिवार एवं सामान्य वर्ग के लघु एवं सीमांत कृषक के खेतों में फलदार पौधों का रोपण किया जा सकेगा।
फलोद्यान परियोजना के लिए आवश्यक तकनीक एवं बंधन
   कलेक्टर ने बताया है कि वृक्षारोपण के लिए नींबू, अमरूद, अनार, मुनगा आदि पौधों के लिए प्रति एकड़ 400 पौधों का रोपण किया जाए। पौधे की दूरी 3X3 मीटर तथा गड्ढे का आकार 0.6X0.6X0.6 मीटर रखा जाए। इसी प्रकार ग्राफटेड संतरा, आम, जामुन, कटहल, आंवला, नींबू, अमरूद, सीताफल, बैर आदि के लिए प्रति एकड़ 250 पौधों का रोपण किया जाएगा। पौधे की दूरी 4X4 मीटर तथा गड्ढे का आकार 0.6X0.6X0.6 मीटर रखा जाए। इसी प्रकार आम, आंवला, कटहल, बैर, जामुन, चीकू आदि पौधों के लिए प्रति एकड़ 100 पौधों का रोपण किया जायेगा। पौधे की दूरी 6X6 मीटर तथा गड्ढे का आकार 0.9X0.9X0.9 मीटर रखा जाये। उन्होंने ‍कहा कि पौधों की सुरक्षा के लिए कंटीले तार से फेसिंग भी की जाए।
निजी खेत में फलोद्यान परियोजना के लिए
   कलेक्टर ने बताया है कि निजी खेत में फलोद्यान परियोजना के लिए 400 पौधें प्रति एकड़ के लिए खेतों में तीन वर्ष प्लांटेशन किया जाएगा। इसके लिए 3X3 मीटर का अंतराल होगा। इस परियोजना की लागत 2 लाख 46 हजार रुपए होगी। इसी प्रकार 250 पौधें प्रति एकड़ के लिए खेतों में तीन वर्ष प्लांटेशन किया जाएगा। इसके लिए 4X4 मीटर का अंतराल होगा। इस परियोजना की लागत एक लाख 86 हजार 250 रुपए होगी। सौ पौधें प्रति एकड़ के लिए खेतों में तीन वर्ष प्लांटेशन किया जाएगा। इसके लिए 6X6 मीटर का अंतराल होगा। इस परियोजना की लागत एक लाख 45 हजार रुपए होगी। इस परियोजना में हितग्राहियों को मनरेगा आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
एक ग्राम के लिए एक परियोजना
   कलेक्टर ने बताया है कि एक ग्राम के लिए एक परियोजना बनाई गई है, जिसमें 10 कृषक शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि लाभांवित कृषकों द्वारा लगाए जाने वाले फलोद्यान की भूमि का क्षेत्रफल  भिन्न-भिन्न होने की पृष्ठभूमि में पौधों के अंतराल की दूरी के आधार पर पौध संख्या भिन्न-भिन्न होगी।
(14 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
मईजून 2017जुलाई
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
2930311234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293012
3456789

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer