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वृक्षारोपण के महायज्ञ में आहुति देना हर नागरिक का पुनीत कर्तव्य – कलेक्टर
वृक्षारोपण कार्यक्रम के सिलसिले में बैठक सम्पन्न
जबलपुर | 06-जून-2017
 
 
   कलेक्टर महेशचन्द्र चौधरी ने कहा कि दो जुलाई को आयोजित होने वाले वृक्षारोपण के महायज्ञ में आहुति देना जिले के प्रत्येक नागरिक का पुनीत कर्तव्य है। सभी को इस वृहद् वृक्षारोपण कार्यक्रम में पूरे मन से सहभागिता करनी चाहिए।
   श्री चौधरी आज यहां कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले की विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं के प्रमुखों, ट्रक एवं बस ओनर्स तथा औद्योगिक एवं वाणिज्यिक संगठनों के पदाधिकारियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक में बोल रहे थे। बैठक में पुलिस अधीक्षक एम.एस. सिकरवार भी मौजूद थे।
   बैठक में कलेक्टर श्री चौधरी ने कहा कि दो जुलाई को आयोजित होने वाले वृहद् वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत नर्मदा जी के दोनों तटों पर बड़े पैमाने पर पौधे लगाए जाएंगे। पूरा जबलपुर जिला नर्मदा बेसिन में होने के चलते अपने घर, खेत, औद्योगिक इकाई अथवा व्यावसायिक इकाई में पौधे लगाने वाले भी इस महाभियान में अहम् योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि निर्धारित तिथि को 50 लाख से ज्यादा पौधे लगाए जाएंगे। इस विराट लक्ष्य को हासिल करने के लिए यह जरूरी है कि समाज के सभी वर्गों के लोग आगे आएं और वृहद् वृक्षारोपण में अपनी सार्थक भूमिका सुनिश्चित करें।
   श्री चौधरी ने कहा कि वृक्षारोपण कार्यक्रम को एक उत्सव के रूप में लिया जाना चाहिए तथा उसी प्रकार के उत्साह और उल्लास के साथ इसके लिए तैयारियां की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि जिले के 1306 राजस्व ग्रामों में खाली राजस्व भूमि नेट पर देखी जा सकती है। नर्मदा तथा अन्य नदियों को प्रदर्शित करते हुए उनके तटों पर पौधारोपण के लिए चिन्हित क्षेत्र और सम्बन्धित सर्वे नम्बर की जानकारी भी इंटरनेट पर प्रदर्शित की गई है।
   कलेक्टर ने रांझी इंजीनियरिंग कॉलेज तथा अन्य तकनीकी शिक्षण संस्थाओं, मेडिकल कॉलेज, कृषि विश्वविद्यालय एवं शासकीय व अशासकीय महाविद्यालयों से आए प्रतिनिधियों के साथ उनकी संस्था में पौधारोपण के लिए उपलब्ध भूमि तथा छात्र संख्या और लगाए जाने वाले पौधों की संख्या के सम्बन्ध में विस्तृत विचार-विमर्श किया। तदनुसार लक्ष्य आवंटित किए गए। श्री चौधरी ने बैठक में मौजूद औद्योगिक एवं वाणिज्यिक संगठनों के पदाधिकारियों से आग्रह किया कि वे भी इस पुनीत कार्य में योगदान देने के लिए आगे आएं। अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डॉ.के.एल.जैन ने बताया कि इस सम्बन्ध में समस्त कॉलेज प्राचार्यों की बैठक 8 जून को आयोजित की जा रही है। इसी प्रकार निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्राचार्यों की भी बैठक 8 जून को बुलाई जानी है। श्री चौधरी ने बस एवं ट्रक ऑपरेटर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों से अपेक्षा की कि बड़ी संख्या में लोगों से सम्पर्क के मद्देनजर वे उन्हें अपने घरों में पौधे लगाने के लिए प्रेरित करें। नागपुर या अन्य स्थानों से अच्छी गुणवत्ता के पौधे मंगा कर उन्हें वितरित किया जाना भी वृक्षारोपण कार्यक्रम में उल्लेखनीय योगदान होगा।
   कलेक्टर ने इस बात पर जोर दिया कि सभी सम्बन्धित संस्थाएं एवं संगठन पौधारोपण के लिए अपना सुस्पष्ट प्लान आवश्यक रूप से बनाएं और इस पर अमल करें। पौधे 10 लगने हों अथवा एक लाख, दोनों ही स्थितियों में एक सुचिंतित एवं योजनाबद्ध रणनीति ही कारगर साबित होगी।
   बैठक में अपर कलेक्टर छोटे सिंह ने कहा कि पौधारोपण के लिए हर कैम्पस में 25 जून से पहले गड्ढे खोद लिए जाएं तथा खाद आदि की व्यवस्था कर ली जाए। पौधों के लिए नर्सरीज को समय रहते ऑर्डर दे दिए जाएं तथा 28 जून तक पौधे कैम्पस में प्राप्त कर उन्हें सुरक्षित रख लिया जाए। श्री सिंह ने कहा कि पौधारोपण के बाद उसे सहेजने के लिए भी प्लान बनाना होगा।
   बैठक में वन संरक्षक विन्सेंट रहीम ने विभिन्न प्रजातियों के पौधों के संदर्भ में पौधारोपण की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला तथा महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यथासंभव रासायनिक खाद का इस्तेमाल न किया जाए बल्कि बतौर खाद वर्मी कम्पोस्ट या नीम खली के उपयोग को प्राथमिकता दी जाए। सीईओ जिला पंचायत हर्षिका सिंह ने बताया कि सार्वजनिक स्थलों (स्कूल, चिकित्सा संस्था आदि), नहरों या सड़कों के किनारे, खेत या मेढ़ में पौधारोपण के लिए मनरेगा के अन्तर्गत आवश्यक प्रावधान हैं। उन्होंने बताया कि पौधरक्षकों की भी नियुक्ति की जा सकेगी।
   बैठक में एनव्हीडीए, एनएचएआई, एमपीआरडीसी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
(263 days ago)
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