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सावधानी रखे, लू से बचे-डॉ. प्रभाकर ननावरे
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रतलाम | 19-मई-2017
 
   स्वास्थ्य विभाग ने भीषण गर्मी एवं लू से बचाव के लिये सलाह दी हैं। शहर में हर दिन बढ़ते तापमान को देखते हुए लू से बचाव एवं संक्रामक बिमारियों की रोकथाम के लिये जिले में काबेट टीम का गठन किया गया। टीम में चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, एएनएम, आशा कार्यकर्ता आदि रहेगे। अमले के पास पर्याप्त जीवनरक्षक औषधियॉ रहेगी। जिला एपिडेमियालॉजिस्ट लालजु शाक्य ने बताया कि ग्रीष्म ऋतु में विभिन्न संक्रामक रोग दस्त, पेचिस, पीलिया, हैजा, मस्तिष्क ज्वर, फुट पाईजेनिंग फैलने की आंशका रहती है। दुषित पानी और सड़े गले फल-सब्जीयों आदि के कारण बिमारी का अंदेशा रहता है। महामारी रोकथाम और नियंत्रण के लिये जिला सर्विलेंस इकाई को अर्ल्ट रहने के निर्देश दिये गये है। सीएचएमओ डॉ. प्रभाकर ननावरे ने बताया कि लू से प्रभावित मरीजों की जानकारी वरिष्ठ कार्यालय को भेजी जा रही है।
लू से बचाव के उपाय
   गर्मी के दिनों में अपने घरों को ठण्डा रखे, दरवाजे और खिड़कियॉ बंद रखे, रात में तापमान कम होने के समय खिड़की दरवाजे खोले जा सकते है। तापमान 35 डिग्री से अधिक होने पर अधिक से अधिक मात्रा में पेय पदार्थ पिये। जहां तक सम्भव हो बाहर न जाये, धुप में खड़े होकर व्यायाम, मेहनत न करें। ज्यादा भीड़ घुटने भरे स्थान रेल, बस आदि में अधिक जरूरी होने पर ही यात्रा करें। शरीर को ठण्डा रखने के लिये ठण्डे कपड़ों से शरीर को ठक ले। बाहर जाते समय हमेशा सफेद या हल्के रंग के ढीले कपड़ो का उपयोग, टोपी, रंगीन चश्मे का उपयोग जरूर करे। ज्यादा से ज्यादा पानी पीये। जानवरों को छाया में बांधे और उन्हें पर्याप्त पानी पिलाये। लू से प्रभावित व्यक्ति को छाया में लेटा कर सुती गिले कपड़ो से पोछे तथा चिकित्सक से सम्पर्क करें। निर्जलीकरण से बचने के लिये ओआरएस का प्रयोग करें। पर्याप्त मात्रा में पानी, तरल पदार्थ जैसे छाछ, नीम्बू का पानी, आम का पना आदि का प्रयोग करे। संतुलित हल्का व नियमित भोजन करे। अधिक प्रोटीन वाला तथा बासी खाद्य पदार्थ न ले। अपात स्थिति में तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में उपचार कराना चाहिए।
 
(127 days ago)
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