समाचार
|| प्रशिक्षण आज और कल || पर्यटन की दृष्टि से विकसित होगा गैवीधाम परिसर - राजेन्द्र शुक्ल || आपदा प्रभावितों को 12 लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत || आचार्य आश्रम नयागांव पहुंचे उद्योग मंत्री || नगरीय क्षेत्रों में भी सुदृढ़ रहेगी विद्युत आपूर्ति व्यवस्था- राजेन्द्र शुक्ल || नगरपालिका परिषद जुन्नारदेव एवं दमुआ के लिये प्रेक्षक नियुक्त || पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक ऑनलाइन छात्रवृत्ति आवेदन 31 जुलाई तक || जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आज || जीएसटी जागरुकता एवं समस्या निवारण शिविर का आयोजन आज || ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिये दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
अन्य ख़बरें
लालिमा अभियान का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करें विभाग- एसडीएम नेहा भारतीय
खून हैं तो सांस हैं, पोषण हैं तो आस हैं - मनीष सक्सेना राज्य समन्वयक चाई
रतलाम | 19-मई-2017
 
   जनपद पंचायत रतलाम के सभाकक्ष में लालिमा अभियान का विकासखण्ड स्तरीय अंतरविभागीय उन्मुखीकरण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एसडीएम श्रीमती नेहा भारतीय ने रतलाम के ग्रामीण क्षेत्रों में एनीमिया और कुपोषण के परिदृश्य पर गहरी चिंता जताई। उन्होने निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्र की सभी किशोरी बालिकाओं और गर्भवती माताओं का हिमोग्लोबीन नियमित परीक्षण किया जाये। परीक्षण के उपरांत महिलाओं को उपचार संबंधी कार्यवाही के प्रतिवेदन से प्रतिमाह अवगत कराया जाये। एसडीएम ने बताया कि मुख्य रूप से स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग के समंवित प्रयासों से एनीमिया की स्थिति से निपटा जा सकता है। सभी स्कूली नोडल शिक्षक प्रति सप्ताह बालक-बालिकाओं को आयरन की गोली खिलाये। स्वास्थ्य विभाग का अमला समय पर आयरन फोलीक एसिड गोलियों की आपूर्ति कर स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करें एवं जिले की सभी आशा कार्यकर्ताओ को क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान किया जाये। महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका बच्चों को गोलिया खाने के लिये प्रेरित करें और गोली का लाभ के बारे में परामर्श प्रदान करें। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए क्लिंटन हैल्थ एक्सीस एनिशिएटिव की सम्भागीय समन्वयक रत्ना शर्मा जानकारी देते हुए बताया कि लालिमा अभियान एनीमिया के संबंध में जनजागरूकता के लिये तीन वर्ष के लिये चलाया जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से बाल विवाह की स्थितियों को रोकने, समुदाय को आयरन फोलिक एसिड की गोलियों की प्रदायगी, इसकी जागरूता पर बल दिया जा रहा है। राज्य समन्वयक मनीष सक्सेना ने बताया कि कुपोषण पूरे भारत वर्ष की गम्भीर जन स्वास्थ्य समस्या है। कुपोषण बच्चे के विकास और सिखने की क्षमता के लिये बड़ा खतरा है। इसके कारण राज्य की अर्थव्यवस्था पर तो बोझ पड़ता ही हैं अपितु मातृ मृत्युदर, शिशु मृत्युदर में भी बढोत्तरी होती है। इस संबंध में एनीमिया नियंत्रण कार्यक्रम का सुदृढ़ीकरण, आंगनवाड़ी में बच्चों व गर्भवती माताओं को वितरित होने वाले टेक होम राशन, पूरक पोषण आहार की पोषकता में बेहतरी लाना, आईसीडीएस की परियोजना की आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था में बेहतरी लाना, एनीमिया एवं कुपोषण में कमी लाने हेतु जल शुद्धिकरण एवं स्वच्छता जैसे मुद्दो पर कार्य करना, स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग से जुड़े हुए अग्रीम पंक्ति के कार्यकर्ताओं का क्षमता निर्माण करना जैसे पॉच हस्तक्षेपों पर बल देकर कार्य किया जायेगा।
   कार्यक्रम में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लक्ष्मणसिंह डिंडोर ने कहा कि विभागीय समन्वय एवं प्रशिक्षण के लिये जहा भी आवश्यक होगा ग्राम पंचायत के भवनों में बैठक आयोजित कराने के लिये स्थान उपलब्ध कराया जायेगा एवं लालिमा अभियान की सफलता के लिये सभी आवश्यक कार्य किये जायेगे।
   कार्यक्रम में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लक्ष्मणसिंह डिंडोर, क्लिंटन हैल्थ एक्सीस एनिसिएटिव के अभिषेक चौरसिया, महिला बाल विकास विभाग के सुपरवाईजर एवं परियोजना अधिकारी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रतिभा शर्मा, जिला मीडिया अधिकारी बी.ई.ई., डीसीएम, आरबीएस के कोऑडिनेटर, वन विभाग के अधिकारी, शिक्षा विभाग के विकासखण्ड अधिकारी, आदिम जाति कल्याण विभाग आदि के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।
 
(65 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
जूनजुलाई 2017अगस्त
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
262728293012
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31123456

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer