समाचार
|| सांसद के नेतृत्व में चंबल गौरव पदयात्रा गोपालपुरा से प्रारंभ || क्षेत्रीय विधायक, कलेक्टर व एसपी ने किया मनावर तहसील के पुनर्वास स्थलों का दौरा || ढिलापुर में रात्रि विश्राम करेंगीं राज्यमंत्री ललिता यादव || लापरवाह कर्मचारियों को बदला जाएगा राज्यमंत्री || शहर में पार्किंग के लिये स्थान चिन्हित || सरकारी राशन त्यागें योजना के क्रियान्वयन हेतु निर्देश || गांवों के विकास से ही देश का विकास होगा- प्रभारी मंत्री श्री रामपाल सिंह || शहीद सैनिकों के बच्चों को छात्रवृत्ति की सुविधा || प्रभारी मंत्री श्री रामपाल सिंह द्वारा नरसिंह तालाब के सौंदर्यीकरण के कार्य का अवलोकन || अनंतिम चयन सूची जारी
अन्य ख़बरें
खिलौनों को वरदान है घर में सुख-समृद्धि का हर कदम पर साथ देने वाली चरण पादुका
-
मन्दसौर | 19-मई-2017
 
 
   तनाव से शांति, तंगी से मुक्ति और आनंद का पर्याय खिलौने भी बन सकते हैं यह बात मेले में बिक रहे दुधि के खिलौने से सिद्ध हो जाती है। संत रविदास मप्र हस्तशिल्प विकास निगम की उत्सव गार्डन हाल राम टेकरी में चल रही प्रदर्शनी में रखे कई खिलौने के हैं। यह खिलौने हाथ से बनाए गए हैं और चित्रकूट में पैदा होने वाली दूधि लकड़ी के है। इन खिलौनों की कीमत बहुत कम हैं। आरामदायक कदम से मंजिल देने वाले शुद्ध चर्मिका के बने जूते-चप्पल केवल हस्तशिल्प मेले में ही मिल रहे हैं।
   प्रदेश के हस्तशिल्पियों एवं बुनकरों द्वारा उत्पादित सामग्री को बाजार दिलाने के उद्देश्य से उत्सव गार्डन हाल राम टेकरी में 12 दिवसीय हस्तशिल्प मेला प्रदर्शनी का आयोजन जारी है। मेला प्रभारी श्री दिलीप सोनी ने बताया कि दूधि लकड़ी की महिमा का गुणगान करते हुए इसके पीछे चली आ रही पुरानी रोचक और लाभदायी कहानी के बारे में बताया कि दूधि लकड़ी के खिलोने बेचने के लिए लोधी समाज के लोग ज्यादा विख्यात है। माना जाता है कि भगवान श्री राम वनवास के दौरान चित्रकूट में पहुंचे तो वहां के निवासी लोधी समाज के लोगों ने श्री राम की बहुत सेवा की। चित्रकूट में दूधि के वृक्ष अधिक है और लोधी समाज के लोग दूधि वृक्ष की लकड़ी से सुंदर खिलोने बनाकर अपनी आजीविका चलाते हैं। यह बात श्री राम को अच्छी लगी और लोधी समाज के लोगों की सेवा से प्रसन्न होकर उन्होंने समाज के लोगों को खिलोने बनाकर बेचने और उससे अजीवन आजीविका मिलने का वरदान दिया, लेकिन साथ ही यह भी आशीर्वाद प्रदान किया कि दूधि लकड़ी के बने खिलोने घर में रखने पर घर में हमेशा समृद्धि बनी रहेगी। बस इसी आशीर्वाद का प्रताप है कि आज तक लोधी समाज के लोग इस शिल्प को लगातार बढ़ा रहे हैं और दूधि लकड़ी से बने यह खिलोने लोगों को समृद्धशाली बना रहे हैं। टाउन हाल में चित्रकूट से विभिन्न प्रकार के खिलोने लेकर आए शिल्पी मुकेश लोधी ने बताया कि यह खिलोने दिखने में आकर्षक, सुंदर तो ही साथ ही बच्चों के लिए किसी भी दशा में नुकसानदायक नहीं है। वर्तमान समय में यह समाज बच्चों के लिए ट्रेन, पंखे, फिरकी, लटटू, बेलन, विंडचेम व कई उपयोगी सामग्री का विक्रय किया जा रहा है।
   श्री सोनी ने बताया कि धार जिले के दूधि ग्राम से आए शिल्पकार प्रमोद पल्ले के बारे में बताया कि मप्र शासन द्वारा दूधि ग्राम में चर्म शिल्पकारों के लिए 1997-98 में 20 करोड़ रुपए में चर्मशिल्प परिसर का निर्माण किया। इसके साथ ही शिल्पकारों को विभिन्न प्रकार के औजार व उपकरण भी प्रदान किए। इसका लाभ यह हुआ कि दुधि के कलाकारों को अब इंदौर या आगरा जाने की जरूरत नहीं होती है और अधिकांश कार्य दूधि में ही संपन्न हो जाता है। शासन इन शिल्पकारों को समय-समय पर डिजाईनरों की मदद भी उपलब्ध करवा रहा है। शुद्ध रूप से चर्म की शिल्पकारी से बनने वाली सामग्री की मांग अब महानगरों में भी की जाने लगी है। श्री पल्ले ने बताया कि उनके द्वारा निर्मित जूते, चप्पल आदि सामग्री गुणवत्ता वाली होने से हर प्रदर्शनी में ग्राहक उसकी मांग करते हैं। श्री सोनी ने बताया कि प्रदर्शनी उत्सव गार्डन हाल राम टेकरी में 22 मई 2017 तक जारी है। सुबह 11 बजे से रात्रि 9 बजे तक ग्राहक अपनी सुविधा अनुसार प्रदर्शनी का भ्रमण कर पसंदीदा वस्तु क्रय कर सकता है।
 
(8 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
अप्रैलमई 2017जून
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
24252627282930
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930311234

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer