समाचार
|| पारसनाथ शिखर जी तीर्थ यात्रा हेतु कल तक आवेदन आमंत्रित || मस्कॉट प्रतियोगिता हेतु प्रविष्टियॉं 30 अप्रैल तक आमंत्रित || जैव विविधता पुरस्कार योजना के तहत आवेदन 30 अप्रैल तक आमंत्रित || नेशनल लोक अदालत में 3831 प्रकरण निराकृत || कामाख्या तीर्थ यात्रा के लिए आवेदन 26 तक आमंत्रित || बंदियों के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन || रोजगार की पढ़ाई - चलें आईटीआई अभियान 30 अप्रैल तक || नेशनल लोक अदालत में 427 प्रकरण निराकृत || पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री भार्गव का दौरा कार्यक्रम || नेशनल लोक अदालत में तीन करोड़ रूपए से अधिक के अवार्ड पारित
अन्य ख़बरें
मध्यप्रदेश को लगातार पाँचवीं बार प्रतिष्ठित कृषि कर्मण पुरस्कार
गेहूं उत्पादन श्रेणी में नम्बर वन
मन्दसौर | 21-अप्रैल-2017
 
 
    मध्यप्रदेश को लगातार पाँचवीं बार भारत सरकार का प्रतिष्ठित कृषि कर्मण पुरस्कार मिला है। वर्ष 2015 16 के लिये यह पुरस्कार गेहूँ उत्पादन की श्रेणी में मिला है। प्रदेश को ट्रॉफी, प्रशस्ति-पत्र और 2 करोड रूपये नगद पुरस्कार मिलेगा। भारत सरकार में कृषि और उद्यानिकी आयुक्त डॉ. एस.के. मलहोत्रा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र में कृषि कर्मण पुरस्कार मिलने की सूचना देते हुए बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों, कृषि विभाग के सभी अधिकारियों और कृषि विकास से जुड़ी सभी संस्थाओं को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। लगातार पाँचवीं बार कृषि कर्मण पुरस्कार मिलने के साथ ही मध्यप्रदेश कृषि उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन गया है। इस वर्ष प्रदेश की कृषि विकास दर 25 प्रतिशत रहने का अनुमान है। पारम्परिक रूप से सर्वाधिक गेहूँ उत्पादन वाले हरियाणा और पंजाब को भी मध्यप्रदेश ने पीछे छोड़ दिया है। गेहूँ उत्पादन में वर्ष 2014-15 के मुकाबले वर्ष 2015-16 में 7.64 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2014-15 में गेहूँ उत्पादन 171.03 लाख टन था, जो 2015-16 में बढ़कर 184.10 लाख टन हो गया है। किसानों की लगन और कृषि वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और कृषि विभाग के मैदानी अमले के सहयोग से यह उपलब्धि हासिल हुई है। प्रदेश में गेहूँ की उत्पादकता बढ़कर 3115 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर हो गई है। पिछले साल यह 2850 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर थी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर किसानों को कई प्रकार की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही है। इनमें सिंचाई, विद्युत, तकनीकी परामर्श, ब्याज रहित ऋण, मंडी प्रांगण में उपार्जन की ई-सुविधा मुख्य रूप से परिर्वनकारी साबित हुई है। कृषि कर्मण अवार्ड के साथ-साथ प्रदेश के कृषक समाज के प्रतिनिधि के रूप में प्रदेश के 2 सर्वश्रेष्ठ गेहूँ उत्पादक कृषकों, एक पुरुष कृषक तथा एक महिला कृषक को भी पुरस्कार के रूप में दो-दो लाख रुपये का पुरस्कार एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदाय किया जायेगा।


 
(367 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
मार्चअप्रैल 2018मई
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
2627282930311
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
30123456

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer