समाचार
|| हर साल एक लाख श्रमिकों को स्व-रोजगार के लिये ऋण उपलब्ध करवाए जाएंगे || मतगणना हेतु सुपरवाईजर, सहायक एवं माईक्रो ऑब्जर्वर का द्वितीय प्रशिक्षण 27 फरवरी को || डी.एल.एड. पंजीयन में प्राचार्य द्वारा सत्यापन का कार्य 28 फरवरी तक || कोलारस विधानसभा उपनिर्वाचन में 70 प्रतिशत से अधिक हुआ मतदान || कभी बेरोजगार थे आज दे रहे दूसरों को रोजगार (सफलता की कहानी) || हर साल एक लाख श्रमिकों को स्व-रोजगार के लिये ऋण उपलब्ध करवाए जाएंगे || मंत्री श्री धुर्वे 24 फरवरी को विवाह कार्यक्रम में कटनी जायेंगे और फिर वापस डिण्डौरी आयेंगे || होली एवं धुलेण्डी का त्यौहार शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनायें-कलेक्टर श्री दीपक सिंह || ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन आज इंदौर आएंगे || मजदूरों की बेहतरी के लिए सरकार संकल्पबद्ध – मुख्यमंत्री श्री चौहान
अन्य ख़बरें
एक ही छत के नीचे 50 कलाकार
हर घर और शरीर का सौंदर्य, मेला अंतिम दो दिन ओर
रतलाम | 17-फरवरी-2017
 
   
   संत रविदास म.प्र. हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम का मुख्य उद्देश्य सार्थकता के साथ सफल होता रहा है। इस बार भी मेले में आए लगभग 50 विशिष्ट शिल्पियों को बेहतर कद्रदानों का साथ मिला। प्रदेश के शिल्पियों की हाथ से बनी सामग्री का प्रदर्शन और विक्रय रोटरी हॉल, अजंता टाकिज़ रोड़, रतलाम में जारी है। सुबह 11 बजे से रात्रि 9 बजे तक कलाप्रेमी रोटरी हॉल, अजंता टाकिज़ रोड़, रतलाम पहुंच रहे हैं। इससे शिल्पियों का मनोबल बढा है। मेले का कल आखरी दिन है।
   मेला प्रभारी दिलीप सोनी ने बताया कि मेले में विभिन्न प्रकार की सामग्री लेकर रतलाम पहुंचने वाले शिल्पकार भी काफी उत्साही नजर आते हैं। रतलाम में कला के प्रति जानकारी रखने वाले लोग खूब है। जिससे कलाकारों की सामग्री को अच्छा बाजार मिलता है। यही कारण है कि इस बार मेले में शिल्पकारों की संख्या पहले से ज्यादा रही है। विधायकजी ने शिल्प को बढ़ावा देने के लिए जिस प्रकार का समर्थन किया उससे हर कोई उत्साही नजर आ रहा है। मेले में छोटी-छोटी सामग्री आम लोगों की पहुॅंच में है जिससे उनकी खूब बिक्री हो रही। बच्चों से लेकर हर वर्ग के लिए उच्च गुणवत्ता और घर में रखने तथा उपयोग में आने वाली सामग्री के कारण मेले में हमेशा खूब भीड रहती है। अन्य दूसरे मेलों की तुलना में यह मेला हमेशा की तरह अपनी अलग छाप रखता है। मेले में ज्यादातर लोग कला के पारखी थे, जिन्हें कलात्मक सामग्री और पर्यावरण के साथ ही स्वस्थ रखने वाली कलात्मक सामग्री की अच्छी जानकारी है। श्री सोनी ने बताया कि इस बार भी लोगों की रूचि के अनुरूप हर बार नए शिल्पकारों को मेले में स्थान देने का प्रयास किया गया। जिसका अच्छा प्रतिफल मिला है। नए शिल्प के प्रति लोगों का रूझान बढ़ा है। मेले में ग्रमीण अंचलों में बनाई जाने वाली कलात्मक सामग्री को शहरों के लोगों से रूबरू कराने वाले शिल्पकार इस बार अच्छी संख्या में उपस्थित हुए।
    श्री सोनी ने बताया कि मेले में प्रदेश के ग्रामीण अचंलों से आए हस्तशिल्पियों ने अपनी श्रेष्ठ कला का प्रदर्शन मेले मे किया है। मेले में 50 से भी अधिक शिल्पियों में विश्व प्रसिद्ध चंदेरी साडियां एवं सलवार सूट, बाग प्रिंट की वनस्पति रंगो से छपाई कर बनाई गई सांडियां व सूट, हेन्डलूम सलवार सूट एवं सांडियां, तारापुर जावद की मिट्टी से प्रिंट कर बनाई गई सांडियां व सलवार सूट, ग्वालियर के रामबाबू की सिक्का ज्वैलरी, जबलपुर के लेदर बैग्स, बुधनि के लेकरवेयर, इंदौर के बंधनवार, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, आदि को जनता ने खूब पसंद कर रही है। मेले का कल अन्तिम दिन है। मेला सभी कला प्रेमियों के लिये दोपहर 12 से रात्रि 9 बजे तक निःशुल्क खुला रहेगा।   
(372 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
जनवरीफरवरी 2018मार्च
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
2930311234
567891011
12131415161718
19202122232425
2627281234
567891011

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer