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युवा दिवस पर सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम संपन्न हुआ
मुख्य समारोह में पाठ्य पुस्तक निगम के उपाध्यक्ष हुए सम्मिलित
दतिया | 12-जनवरी-2017
 
   
   स्वामी विवेकानंद की 152वीं जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश शासन ने युवा दिवस के तहत् प्रदेश की सभी शासकीय संस्थाओं में सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन किया। राज्य शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक वर्ष 12 जनवरी को जिले की सभी शैक्षणिक संस्थाओं में सामूहिक सूर्य नमस्कार करने के निर्देश जारी किए है। जिसके तहत् आज सोमवार को सिविल लाईन शासकीय हाई स्कूल सहित जिले की सभी संस्थाओं में सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन किया गया। मुख्य कार्यक्रम का आयोजन शासकीय हाई स्कूल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के पाठ्य पुस्तक निगम के उपाध्यक्ष श्री अवधेश नायक उपस्थित रहे।  
क्या है सूर्य नमस्कार
   सामूहिक सूर्य नमस्कार के लिए 1 से 12 स्थितियां निर्धारित है। सूर्य नमस्कार भारतीय योग परम्परा का अभिन्न अंग है। यह विभिन्न आसन और प्राणायाम का समन्वय है। जिससे शरीर के सभी अंगो, उपांगों का पूर्ण व्यायाम होता है। या यूं कहें कि मानव शरीर के सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के लिए योग व प्रणायाम दोनो अति महत्वपूर्ण है।
   पहला आसन प्रार्थना मुद्राः- प्रार्थना मुद्रा एकाग्र एवं शांत अवस्था में लाता है तथा रक्त संचार को सामान्य करता है।
   दूसरा आसन हस्त उक्तानासनः- यह आसन उदर की अतिरिक्त चर्बी को हटता है और पाचन को सुधरता है। इससे फेफडे मजबूत होते और भुजाओं व कंधों की मॉसपेशियों का व्यायाम होता है।
   तीसरा आसन पद हस्तनासनः- यह आसन पेट व आमाशय के दोषों को दूर करता है। कब्ज को हटाने में सहायक होकर रोडी को लचीला बनाता है।
   चौथा आसन अश्व संचालनासनः- उदर के अंगों की मालिक कर कार्य प्रणाली को सुधारता है। जिससे पैरों की मॉसपेशियों को शक्ति मिलती है।
   पांचवा आसन पर्वतासनः- भुजाओं एवं पैरों स्नाईयौ एवं मॉस पेशियों को शक्ति प्रदान करता है। मस्तिष्क को क्रियाशील बनाता है।
   छटा आसन अष्टांग नमस्कारः- यह आसन पैरों और भुजाओं की मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करने के साथ ही सीने को भी विकसित करता हे।
   सांतवा आसन भुजंगासन:- यह आसन पेट संबंधी रोगों को ठीक करने में उपयोगी है। साथ ही रीढ़ के प्रमुख स्नाईयौ को नई शक्ति प्रदान करता है। सूर्य नमस्कार में 12 स्थितियां होती है। शेष पांच स्थितियां क्रमशः पर्वतासन, अश्व संचानासन पाद हस्तआसन, हस्त उत्तानासन एवं प्रार्थना की मुद्राओं को दोहराव है।
   सूर्य नमस्कार के साथ प्राणायाम भी करवाया गया। अनुलोम, विलोम प्राणायम, मस्त्रिका प्राणायम व भ्रमरी प्राणायाम भी सूर्य नमस्कार कर रहे छात्र-छात्राओं ने बड़ी कुशलता से किया। इस अवसर पर जनपद पंचायत दतिया अध्यक्ष श्रीमती रीता सतीश यादव, श्री प्रशांत ढेंगुला, डॉ. रामजी खरे, श्री मानवेन्द्र सिंह परिहार, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप माकिन, जिला शिक्षा अधिकारी श्री एलआर उपाध्याय, समाजसेवी श्री दिनेश शर्मा, श्री बृजमोहन शर्मा, डाईट प्राचार्य श्री एके चतुर्वेदी, डीपीसी श्री अशोक त्रिपाठी, शासकीय हाई स्कूल प्राचार्य श्रीमती अनीता शर्मा, वरिष्ठ व्याख्याता श्रीमती शशिप्रभा मिश्रा एवं मीडियाकर्मी उपस्थित रहे।
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