समाचार
|| मुख्यमंत्री का डुमना आगमन आज || आदि शंकराचार्य ने मध्यप्रदेश की भूमि से दिया सांस्कृतिक एकता का संदेश - शिवराज सिंह चौहान "ब्लॉग " || ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर आज से || आदि गुरू शंकराचार्य जी की प्राकट्य पंचमी पर दौड़ आज प्रातः 6 बजे || आदि शंकराचार्य ने मध्यप्रदेश की भूमि से दिया सांस्कृतिक एकता का संदेश - शिवराज सिंह चौहान "ब्लॉग" || जननी सेवा के लिए 16 एम्बुलेंस को कलेक्टर ने दिखाई हरी झंडी || मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान 1 मई को शाहपुर आयेंगे || माँ नर्मदा की कृपा से लगातार मिल रहा है कृषि कर्मण अवार्ड - मुख्यमंत्री श्री शिवराज चौहान || आदि शंकराचार्य प्राकट्योत्सव पर आज गरिमामय आयोजन || आदि गुरू शंकराचार्य की प्राकट्य पंचमी पर आयोजित दौड़ और संगोष्ठी में शामिल होने कलेक्टर ने नागरिकों से की अपील
अन्य ख़बरें
विधायक, कलेक्टर, एसपी सहित अधिकारी एवं विद्यार्थियों ने किया सूर्य नमस्कार
-
झाबुआ | 12-जनवरी-2017
  
 
   आज 12 जनवरी को जिले की शैक्षणिक संस्थाओं में सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला स्तर पर झाबुआ विधायक श्री शांतिलाल बिलवाल, कलेक्टर श्री आशीष सक्सेना, एडीएम श्री दिलीप कपसे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अनुराग चौधरी, एसडीएम श्री बालोदिया, जिला शिक्षा अधिकारी श्री सोलंकी, परियोजना समन्वयक समेकित छात्रवृति योजना श्री ओझा सहित प्रशासनिक अधिकारी एवं उत्कृष्ट विद्यालय के विद्यार्थियों ने आज 12 जनवरी को उत्कृष्ट विद्यालय के मैदान पर आयोजित सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में भाग लिया। सभी ने रेडियो पर प्रसारित निर्देशानुसार सूर्य नमस्कार एवं प्रणायाम किया। सूर्य नमस्कार के पूर्व राष्ट्रीय गीत वन्देमातरम, स्वामी विवेकानंद जी के सर्वधर्म सम्मेलन के भाषण के कुछ अंश एवं प्रदेश के मुख्य मंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के संदेश का प्रसारण भी किया गया।
क्या है सूर्य नमस्कार
   सूर्य नमस्कार भारतीय योग परंपरा का अभिन्न अंग हैं यह विभिन्न आसन मुद्रा और प्राणायाम का वह समन्वय है जिससे शरीर के सभी अंगों उपांगो का पूर्ण व्यायाम होता है।
   सूर्य नमस्कार बारह स्थितियों से मिलकर बना है। सूर्य नमस्कार के एक पूर्ण चक्र में 12 स्थितियों को क्रम से दोहराया जाता है। सूर्य नमस्कार नामक यह आयाम 7 आसनों का समुच्चय है।
   पहला आसनः- प्रार्थना की मुद्रा, प्रार्थना मुद्रा एकाग्र एवं शांत अवस्था लाता है तथा रक्त संचार को सामान्य करता है।
   दूसरा आसनः- हस्त उत्तानासन यह आसन उदर की अतिरिक्त चर्बी को हटाता है और पाचन को सुधारता है। इससे फेफडे पुश्ट होते है, भुजाओं और कंधो की मांसपेशियों का व्यायाम होता है।
   तीसरा आसनः- पदहस्तासन,यह आसन पेट व आमाशय के दोशों को दूर करता है। कब्ज को हटाने में सहायक है। रीढ को लचीला बनाता है एवं रक्त संचार में तेजी लाता है। रीढ के स्नायुओं के दबाव को सामान्य बनाता है।
   चौथा आसनः- अश्व संचालनालय उदर के अंगों की मालिश कर कार्य प्रणाली को सुधारता है। इससे पैरो की मांसपेशियों को शक्ति मिलती है।
   पांचवा आसनः- पर्वतासन भुजाओं एवं पैरो के स्नायुयों एवं मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करता है। मस्तिश्क को क्रियाशील बनाता है।
   छठवा आसनः- अश्टांग नमस्कार यह आसन पैरो और भुजाओं की मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करने के साथ ही सीने को विकसित करता है।
   सातवां आसनः- भुजंगासन यह आसन पेट संबंधी रोगो को ठीक करने में उपयोगी है साथ ही रीढ के प्रमुख स्नायुओं को नयी शक्ति मिलती है। दमा, ब्रोन्काइटिस इत्यादि रोगो को दूर करने में भी उपयोगी होता है।
   सूर्य नमस्कार में बारह स्थितियॉ होती है। शेष पांच स्थितियां क्रमशः पर्वतासन, अश्व संचालनासन, पाद हस्तासन, हस्त उत्तानासन एवं प्रार्थना की मुद्रा आसन का दोहराव है।
(109 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
मार्चअप्रैल 2017मई
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
272829303112
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
1234567

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer