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कमलाराजा और जयारोग्य हॉस्पिटल में होंगे 3 करोड़ रूपए के सिविल वर्क
कमिश्नर श्री रूपला ने की मेडीकल कॉलेज में विकास कार्यों की समीक्षा
ग्वालियर | 11-जनवरी-2017
 
 
      कमलाराजा और जयारोग्य हॉस्पिटल में 3 करोड़ रूपए की लागत के सिविल वर्क कराए जायेंगे। यह कार्य 31 मार्च 2017 के पूर्व होंगे। कमिश्नर श्री रूपला ने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री गुर्जर को 20 – 20 लाख रूपए की लागत के 15 स्टीमेट अगले दो – तीन दिनों में बनाने के निर्देश दिए हैं। कमिश्नर ने स्टीमेट बनाने से पहले सभी स्वास्थ्य एचओडी से कार्य कराने संबंधी कामों पर विचार विमर्श करने के भी निर्देश दिए। कमिश्नर श्री शिवनारायण रूपला बुधवार को मेडीकल कॉलेज के सभागार में केआरएच समूह में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
    बैठक में गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एस एन अयंगर, जेएएच समूह के अधीक्षक एवं संयुक्त संचालक डॉ. जे एस सिकरवार, कार्डियोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. पुनीत रस्तोगी, सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अचल गुप्ता, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योति बिंदल, मेडीसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. ओ पी जाटव सहित अन्य विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।
    कमिश्नर श्री रूपला ने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री को निर्देश दिए कि दोनों हॉस्पिटलों में जहाँ फर्श, टाईल्स बदलने, टॉयलेट के जीर्णोद्धार, खिड़कियों की मरम्मत एवं उनमें मच्छर जाली आदि लगाने सहित सभी आवश्यक कार्यों के स्टीमेट बनाये जायें।
विभागाध्यक्ष अपनी इमेज को खराब नहीं होने दें
    कमिश्नर श्री रूपला ने मेडीकल कॉलेज के सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे अपनी इमेज को खराब नहीं करें। मरीजों की भलाई के ऐसे सुधारात्मक काम करें, जिससे इमेज पब्लिक में बनी रहे। कमिश्नर ने कहा कि हम ऐसे नहीं हैं, जैसी इमेज हमारी बाहर बन रही है। ऐसा क्यों है, अपने सिस्टम को क्यों नहीं सुधारा जा रहा है। इन बिंदुओं पर बार-बार समझाईश दी जा रही है। कमिश्नर ने कहा कि अच्छे काम भी हो रहे हैं। पिछले एक माह में ट्रॉमा सेंटर में 190 ऑपरेशन भी हुए हैं। अब 24 घण्टे में तीन-तीन ऑपरेशन हो रहे हैं। यह अच्छी बातें भी लोगों के बीच जाना चाहिए। चिकित्सक ऐसा कोई काम नहीं करें, जिससे समस्यायें पैदा हों। विभागाध्यक्ष अपने काम के पैरामीटर तय करें। मरीज का उचित इलाज हो और फॉलोअप हो।
ओपीडी के दिन निर्धारित हों
    कमिश्नर ने कहा कि विभागाध्यक्ष के ओपीडी के दिन निर्धारित हों। इसका बोर्ड भी कमरे के बाहर लगाया जाए। ओपीडी के दिन अपने कक्ष में विभागाध्यक्ष मरीजों को देखने के अलावा कोई और वर्क नहीं करेगा।
पलंगों का पुन: निर्धारण हो
    कमिश्नर ने सभी विभागाध्यक्षों से कहा कि वार्डों में लगे पलंगों का पुन: निर्धारण हो। उन्होंने कहा कि कई वार्डों में पलंगों की कमी है तो कई वार्डों में पलंगों की संख्या अधिक है, जिनका उपयोग भी नहीं हो रहा है। जहाँ, पलंगों की कमी है वहाँ पलंग लगाए जाएँ। इनके बिस्तर भी साफ सुधरे हो। तकिया, चादर, गद्दे, कटे-फटे नहीं हों। अगर चादर, गद्दे खरीदने की जरूरत है तो तत्काल खरीदने की कार्रवाई करें। बजट नहीं है तो बजट मंगवाएँ। लेकिन कटे-फटे गंदे बिस्तर नहीं होना चाहिए।
निर्धारित सूची के अंदर ही दवाईयाँ लिखें
    कमिश्नर श्री रूपला ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे ओपीडी में निर्धारित 35 दवाईयों को ही लिखें। अगर सूची के अलावा अन्य दवाईयों की जरूरत है तो चिकित्सक गुलाबी पर्चे पर नहीं लिखें। इसके लिये सफेद मेन पर्चे पर दवाई लिखते समय मरीज को समझाईश भी दें कि यह सूची की दवाई नहीं है, बाहर से खरीदना होगी। कमिश्नर ने सभी विभागाध्यक्षों से यह भी कहा कि ओपीडी की 35 और 161 दवाईयों की सूची के अलावा अन्य दवाईयों की जरूरत है, जो सूची में नहीं है। लेकिन कार्पोरेशन की 1100 दवाईयों की सूची में हैं तो इसकी मांग विभागाध्यक्ष मांग पत्र में कराके दवाईयों को खरीदवाने की कार्रवाई करें।
अगले वित्तीय वर्ष की दवाईयों की माँग अभी से करें
    कमिश्नर श्री रूपला ने सभी विभागाध्यक्षों से कहा कि अगले वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिये लगने वाली दवाईयों की मांग अभी से करें। सभी विभागाध्यक्षों के दवाई मांग पत्र 15 जनवरी तक अधीक्षक को प्राप्त हो जाएँ। ताकि दवाईयाँ समय से पूर्व खरीदी जा सकें। उन्होंने कहा कि दवाईयों की कमी नहीं होनी चाहिए। दवाईयाँ एक्स-रे फिल्म सहित सभी चिकित्सीय सामग्री की उपलब्ध बनी रहना चाहिए।
(77 days ago)
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