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कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में जिले का नाम रोशन करेगा जयप्रकाश
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बालाघाट | 03-जनवरी-2017
 
     बालाघाट जिले के छोटे से गांव पिपरिया के एक किसान परिवार के होनहार युवक जयप्रकाश ने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली में वैज्ञानिक के पद पर चयनित होकर बालाघाट जिले का नाम रोशन किया है। बालाघाट जिले का यह युवा कृषि अर्थशास्त्र के क्षेत्र में अनुसंधान का कार्य पूर्ण करने के बाद अब देश के किसानों एवं खेती को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।
     लालबर्रा तहसील के ग्राम पिपरिया (छिंदलई) के निवासी जयप्रकाश बिसेन ने हायर सेकेंडरी तक की शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय वारासिवनी से हासिल की है। इसके बाद उसने आचार्य एन.जी. रंगा कृषि विश्वविद्यालय हैदराबाद से बी.एस-सी.(कृषि) और चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्व विद्यालय हरियाणा से एम.एस-सी.(कृषि) किया है। जय प्रकाश ने भारतीय कृषि अनुसंधन परिषद नई से जुनियर रिसर्च फैलोशिप (जेआरएफ) के लिए चयनित होकर एम.एस-सी. (कृषि) सामाजिक विज्ञान में विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया है। उसने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली से सीनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए अखिल भारतीय स्तर पर चतुर्थ रैंक हासिल किया था और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली से पी.एच-डी. प्रवेश परीक्षा में सम्पूर्ण देश में तृतीय रैंक हासिल किया था।
     जयप्रकाश बिसेन की फल एवं सब्जी की बाजारों में आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन एक तुलनात्मक विश्लेषण पर पी.एच-डी. का कार्य लगभग पूर्ण हो गया है और उसका चयन भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में नई दिल्ली में वैज्ञानिक के पद पर हो गया है। जयप्रकाश ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने पिता श्री गुरूप्रसाद बिसेन एवं माता श्रीमती शुसन बिसेन को दिया है। पिता शासकीय नौकरी में नहीं थे इसके बाद भी उन्होंने अपनी कृषि आय के दम पर उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। वैनगंगा नदी के किनारे बसे गांव पिपरिया के रहने वाले जयप्रकाश की रूचि प्रारंभ से ही कृषि में रही है। स्कूल एवं कालेज से जब भी लंबा अवकाश मिलता था वह खेती में अपने पिता का हाथ बंटाने के लिए पहुंच जाता था। जयप्रकाश का कहना है कि मन में दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो अभावों में रहकर भी सफलता हासिल की जा सकती है।
(418 days ago)
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